दोहे ताजा घटनाक्रम पर

बाजारों में मच गया, जमकर हाहाकार !
आतंकी हैं खौफ में,.. जनता है लाचार !!

नोट हजारी पांच सौ,…… हुए आज से बंद !
बाजारों की हो गई, गति भी सँग-सँग मंद !!

कालाधन माटी हुआ, सहमा भ्रष्टाचार !
आयी है अब रंग में, मोदी की सरकार !!

कालेधन के जोर पर, ..करते थे उत्पात !
मिली उन्हे सरकार से,बडी करारी मात ! !

काले धन पर क्या किया,देते थे इल्जाम !
उनके उल्टे पड गये, पासे आज तमाम !!

अब तो भ्रष्टाचार पर,…..शायद कसे लगाम !
बडा कदम सरकार का,कर जाए कुछ काम !!

नोट हजारी पाँचसौ, हुए आज अखबार !
यही सोच कर रो रहे,.घूसखोर मक्कार ! !

बीवी को आई नही,……पाकिट मारी रास !
मोदी जी की चाल इक, बनी गले की फास !!

नोट हजारी अनगिनत,.बीवी रही निकाल !
अलमारी मे आजतक, जो थे रखे सम्हाल !!

हुए निरर्थक नोट सब, ..सौ से बड़े तमाम !
गुल्लक बेटी की मुझे,आखिर आई काम !!
रमेेश शर्मा.

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