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दोहा

ATUL PUNDHIR

ATUL PUNDHIR

दोहे

May 17, 2017

पलकें अनशन कर रहीं, आँखें बेउम्मीद
अगर मोल मिल जाय तो, ला दो कोई नींद

बेलन जब सर पर पड़े, चले न कोई जोर
बीबी जब मारन लगी, कर न पाये शोर

अतुल पुण्ढीर

Author
ATUL PUNDHIR