नित्य-नियम

नित्य दिवस उठ कर करें, सर्व प्रथम यह काम।
देख स्वयं निज हाथ को, लेना प्रभु का नाम।। १

प्रात काल उठकर करें, नित भू को स्पर्श।
आश्रय, कपड़ा,अन्न, जल, देती हमें सहर्ष।। २

सुबह जागते ही करें, मात-पिता का ध्यान।
मात-पिता इस जगत में, हैं सच्चे भगवान।। ३

जिस घर में हो प्रभु भजन, वहीं रहे भगवान।
जिस घर में हो भागवत, वह घर तीर्थ समान।। ४

नित्य नियम से जो करें, गायत्री का जाप।
परम सिद्धि को प्राप्त कर, जीवन हो निष्पाप।।५

स्वप्न लोक के फूल से, जीवन का निर्माण।
अमर हमारा राज्य है, सोचे पागल प्राण।।६

-लक्ष्मी सिंह

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