दोहा

आज हमें लगते नहीं, मात पिता भगवान ।
इधर उधर हैं खोजते, ‘प्रखर’देख हैरान ।।

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कवि एवं लेखक Books: प्रकाशित पुस्तकें:- 1-मैं और मेरी कविता 2-किरण सफलता की आधारशिला 3-आपदाएँ... View full profile
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