दोहे · Reading time: 1 minute

दोहा-मुक्तक

दोहा मुक्तक ©

आरम्भ हुआ आज से, गरबा नाच धमाल
गाओ नाचो साथ सब, है डांडिया कमाल
मौज मजा का पर्व है, मधुर है लोक गीत
हँसी ख़ुशी मस्ती करो, दिल में हो न मलाल |
२.
शारदीय नवरात्र है, पूजे सिंह सवार
अनुग्रह दुर्गा मातु का, बाँटो सबको प्यार
शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा, तिथि से प्रारम्भ है
नौ दिन का शुभ योग है, माँ कर दीदार |

© कालीपद ‘प्रसाद’

354 Views
Like
Author
82 Posts · 11.9k Views
स्वांत सुखाय लिख्ता हूँ |दिल के आकाश में जब भाव, भावना, विचारों के बादल गरजने लगते हैं तो कागज पर तुकांत, अतुकांत कविता ,दोहे , ग़ज़ल , मुक्तक , हाइकू,…
You may also like:
Loading...