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दोस्त

Raj Vig

Raj Vig

कविता

April 16, 2017

बदला है रूप जिन्दगी ने
दोस्तों ने चेहरे बदल लिये
चलते थे जो रोज साथ साथ
उन्होंने आज रस्ते बदल लिये ।

आंखों से पहचानते हैं वो
दिल मे बदली तस्वीर लिये
ऐसे थे वो दोस्त मेरे
जो चन्द दिनो मे बदल लिये ।

मिटा नही है वजूद मेरा
लोटूंगा हाथों मे मशाल लिये
जानूंगा हर इक दोस्त को
चेहरे पे नया नकाब लिये ।

तलाश रहा हूं दोस्त नये
आंखों मे पैनी नजर लिये
बढ़ा जा रहा हूं जिन्दगी मे आगे
अब अलग नया अन्दाज लिये ।।

राज विग

Author
Raj Vig
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