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दोस्ती

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

कविता

February 14, 2017

? Happy friendship day to all my friends.?
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नशीब वालों को नशीब होती है —दोस्ती
दिल के बहुत करीब होती है —दोस्ती
?
खरीदने से नहीं मिलती है —दोस्ती
जो टूटे तो बिखर जाती है —दोस्ती
?
निश्च्छल, निःस्वार्थ प्यार है — दोस्ती
ईश्वर का दिया अमूल्य उपहार है – दोस्ती
?
दोस्तों की हित की कामना है —दोस्ती
सहिष्णुता, उदारता की भावना है – दोस्ती
?
दिलों का दर्पण है —दोस्ती
बिना शर्त समर्पण है —दोस्ती
?
झगड़ा, लड़ाई, प्यार है —दोस्ती
नया ही रंग हर बार —दोस्ती
?
हर किसी दिल की जरूरत है—दोस्ती
प्रतिपल सुन्दर और खुबसूरत है – दोस्ती
?
रिश्तों में अटल विश्वास है —दोस्ती
जो मिटता नहीं वह एहसास है —दोस्ती
?
हर रिश्तों में सबसे खास है —दोस्ती
दिल के बहुत ही पास है —दोस्ती
?
डुबती कश्ती का सहारा है —दोस्ती
जीवन रूपी मझधार का किनारा है —दोस्ती
?
समाजिक जीवन का सत्य है —दोस्ती
तन्हा टूटे दिलों का पथ्य है —दोस्ती
?
जीवन का अनमोल खजाना है —दोस्ती
किसी को दिल से अपना बनाना है —दोस्ती
?
सुख – दुःख में साथ निभाना है —दोस्ती
जीवन का हर सफर सुहाना है —दोस्ती
?
अंधियारा जीवन में उजाला है —दोस्ती
जग में सबसे निराला है —दोस्ती
?
गंगा जल सा निर्मल पवित्र धारा है —दोस्ती
सारे रिश्तों- नातों से प्यारा है —दोस्ती
?
कृष्ण और सुदामा है —दोस्ती
रूठे दिलों को मनाना है —दोस्ती
?
पलकें, दिया और बाती है —दोस्ती
जीवन का सच्चा साथी है —दोस्ती
?
दोस्त के लिए सारा जीवन कुर्बान है —दोस्ती
एक – दूसरे के दिलों में बसी जान है —दोस्ती
?
हर मुस्किलों में साथ निभाना है —दोस्ती
डुबते को तिनको का सहारा है —दोस्ती
?
हरपल हरलम्हा को बनाता शानदार —दोस्ती
थके कदमों को भी बनाता जानदार —दोस्ती
?
जीवन में हमेशा सही राह दिखाता है—दोस्ती
आँसू को मोती-सा सम्मान दिलाता है —दोस्ती
?
मासूम दिलों में अपनेपन की गूँज है —दोस्ती
मुर्दा दिलों में हौसला की अमृत बूँद है-दोस्ती
?
तपती धूप में शीतलता भरी छाँव है – दोस्ती
नयनों में बसा सपनों का गाँव है —दोस्ती
?
तन, मन, धन न्योछावर है —दोस्ती
हथेली पर लगा महावर है —दोस्ती
?
जीवन है नैया तो पतवार है — दोस्ती
खुदा भी है जिसका वो तलबगार है —दोस्ती
?
हसीं में छुपा दर्द को जान जाना है —दोस्ती
कांटों भरी सफर को फूल बनाना है —दोस्ती
?
जीवन में बार-बार नहीं मिलती है सच्ची – दोस्ती
जीवन का अभिन्न अंग है अच्छी – दोस्ती
?
इस कलयुग में विश्वासघात है —दोस्ती
धोखाधड़ी और अपराध है —दोस्ती
?
अब तो दुनिया में है मतलब की —दोस्ती
जरा सोच – परख कर करना,ये —दोस्ती

????लक्ष्मी सिंह ??

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
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