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दोस्ती

Savita Mishra

Savita Mishra

कविता

June 13, 2016

आओ
जिंदगी से दोस्ती कर लें फिर से
जी भर कर बतियायें
रूठने पर मना लें इसको
हौले से प्यार से
दबा दें इसकी हथेली
इसके कांधे पर
सिर रख कर शिकायत कर लें
आओ, फिर से
जिंदगी से दोस्ती कर लें
तोड़ दें वर्जनाएँ
मन का कहना मान लें
जो भी अच्छा लगे
उसे जी भर कर जी लें
आओ, जिंदगी से दोस्ती कर लें।

Author
Savita Mishra
एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग। कहानी कविता व समीक्षा की 14पुस्तकें प्रकाशित।200से अधिक पत्र पत्रिकाओं में कविता कहानी समीक्षा आलेख संस्मरण यात्रा वृत्तांत प्रकाशित।दूरदर्शन व आकाशवाणी से कविता कहानी व साक्षात्कार प्रसारित|
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