Oct 3, 2016 · कविता
Reading time: 1 minute

फौजी की बीवी …..दे दो वक्त को मात

क्या हुआ जो बिछड़ गई तुम
क्या हुआ जो बिखर गई तुम
क्या हुआ जो छूटा पति का साथ
वो शहीद सरहद पे हो गए
दे दुश्मन को मात ..
उठो अपनी शक्ति लगा दो
दे दो वक्त को मात !
क्या आज भी अबला हो तुम ??
अनपढ़ और निर्बल हो तुम ???

ग्यान का भण्डार हो तुम
शक्ति का पर्याय हो तुम
खुद पति को भेज सरहद
श्रद्धा की तो पात्र तुम हो

अश्क पर पहरा बिठा दो
नीर पर कब्जा जमा लो

शक्ति संचित करके अपनी
एक कदम फिर से बढ़ा लो
जिंदगी के पथ मे विजया
फिर से अपना हक जमा लो
ओज का परचम फहरा दो
फिर से अपना हक जमा लो

सरहद पे शहीद फौजी की बीवियों को समर्पित
नीरा रानी

164 Views
NIRA Rani
NIRA Rani
63 Posts · 4.6k Views
साधारण सी ग्रहणी हूं ..इलाहाबाद युनिवर्सिटी से अंग्रेजी मे स्नातक हूं .बस भावनाओ मे भीगे... View full profile
You may also like: