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देश -परदेश

डॉ मधु त्रिवेदी

डॉ मधु त्रिवेदी

मुक्तक

October 19, 2016

छोड़ के देश परदेश तू क्यों चला
नोट की चाह में तू जुदा हो चला
रोज अपनी भूमि को करे याद वो
छोड़ यह देश नूतन जहाँ को चला

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डॉ मधु त्रिवेदी
डॉ मधु त्रिवेदी प्राचार्या शान्ति निकेतन कालेज आगरा स्वर्गविभा आन लाइन पत्रिका अटूट बन्धन आफ लाइन पत्रिका झकास डॉट काम जय विजय साहित्य पीडिया होप्स आन लाइन पत्रिका हिलव्यू (जयपुर )सान्ध्य दैनिक (भोपाल ) सच हौसला अखबार लोकजंग एवं ट्र... Read more
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