Feb 13, 2017 · कविता
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देश के जवान तुम वीर हो महान हो

“देश के जवान तुम वीर हो महान हो ,
स्वतंत्रता के लाज तुम शौर्य का प्रमाण हो ,
बिना रुके बिना थके बिना डरे बिना गिरे ,
तुम करते शत्रु पर प्रहार हो .
सामने पहाड़ हो या युद्ध का मैदान हो ,
शत्रु की ललकार हो या बहती रक्तधार हो ,
झुके न तुम थमे न तुम ,
भारत माँ के लाल तुम देश का अभिमान हो .
शत्रु दाल को रौंदते ,सिंह सा दहाड़ते
२४ घंटे आठो पहर देश को सँभालते ,
कश्मीर हो या हो आसाम ,
चाहे पंजाब या राजस्थान
माटी का एक बी कतरा बी ,
देते नहीं तुम शत्रु को दान .
इस माटी के तुम पूत अनोखे ,
जब जाते हो तिरंगे में लपेटे .
भारत माँ का बच्चा बच्चा ,
कहता है अपने आसुओ को समेटे .!!
भारत माँ के लाडले हम ,
तुम्हारे कर्जदार हैं ,
इस माटी के वास्ते दिए ,
तुमने अगणित बलिदान हैं .
हे भारत माँ के वीर जवान ,
तुम करते हो जवानी देश के नाम
देख तेरी शहादत पर ,
उमड़ा है पूरा हिंदुस्तान .”!!!

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Pooja Singh
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