गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

देश की स्वाधीनता पर आंच आ सकती नहीं

देश की स्वाधीनता पर आंच आ सकती नहीं
वीर की कुर्बानी अब बेकार जा सकती नहीं

चीन हो या पाक दुश्मन सारे मुँह की खाएंगे
इनकी कोई चाल अब तिल भर हिला सकती नहीं

ये तिरंगा आसमां में शान से लहराएगा
कोई ताकत विश्व की इसको झुका सकती नहीं

शौर्य गाथा वीरों की दिल पर हमारे है लिखी
हैं अमर वो मौत भी उनको मिटा सकती नहीं

प्राणों से भी प्यारा हिंदुस्तान हमको ‘अर्चना’
इसकी रक्षा में कमी कोई भी आ सकती नहीं

04-07-2020
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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