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……देशभक्त पहरेदार रहा हूँ मैं !

दिनेश एल०

दिनेश एल० "जैहिंद"

गज़ल/गीतिका

October 10, 2017

……..देशभक्त पहरेदार रहा हूँ मैं

@ दिनेश एल० “जैहिंद”

देश पर कुर्बां होने के लिए बेक़रार रहा हूँ मैं ।
ना मर सका देश के लिए कसूरवार रहा हूँ मैं ।।

जज़्बात-ए-रूह मचलते रह गए दिल में मेरे,,
कभी हाथ में मेरे हो बंदूक तलबगार रहा हूँ मैं ।।

अफसोस इस बात का खलता ही रहा मुझको,,
ना चुका सका माटी का कर्ज कर्जदार रहा हूँ मैं ।।

जिंदगी मेरी ना काम आ सकी देश की खातिर,,
महसूस हो रहा अब मुझको के बेकार रहा हूँ मैं ।।

वीरता की स्याही में डूबोके जोशे गजल लिखूँ,,
मातृभूमि के परवानों का कलमकार रहा हूँ मैं ।।

सोचके ये सब्र कर रक्खा अब तो मैं बरसो से,,
“जैहिंद” के रूप में देशभक्त पहरेदार रहा हूँ मैं ।।

===============
दिनेश एल० “जैहिंद”
17. 08. 2017

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Author
दिनेश एल०
मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन काे अपने जीवन का... Read more

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