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देख लीं आपकी खूबियाँ इसलिये

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गज़ल/गीतिका

November 19, 2016

जाननी थीं स्वयं खामियाँ इसलिये
देख लीं आपकी खूबियाँ इसलिये

चूँकि हम आम इंसान ही हैं यहाँ
हमसे होती रहीं गलतियाँ इसलिये

याद में डूबना दिल को अच्छा लगा
भा रहीं आज तन्हाइयाँ इसलिये

बात करने लगे नैन से नैन अब
बन गईँ चाह खामोशियाँ इसलिये

प्यार के दीप बुझ ही न जायें कहीं
रोक नफरत की लीं आँधियाँ इसलिये

चाँद से माँगनी थी पिया की उमर
‘अर्चना’ को सजीं थालियाँ इसलिये

डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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