Mar 18, 2018 · कविता

देखो हिन्दू नव वर्ष हमारे आँगन आया है

*देखो हिन्दू नव वर्ष हमारे आँगन आया है*

◆सुनहरे सपनों की सौगात ले आया है,।।
देखो हिन्दू नव वर्ष हमारे आँगन आया है,।
खुशियो के बाग़ दिलो में खिलाने आया है,।
प्रकृति में अपना सतरंगी रंग भरने आया है।

देखो हिन्दू नव वर्ष हमारे आँगन आया है,,,,,,,
खुशियों की बेशुमार ये बहार लाया है,,,,,,,

◆अपने साथ अनेकों शुभ अवसर लाया है,,,,,,,
हमे कुछ नयेपन का एहसास दिलाने आया है,।
स्नेह और आत्मीयता का सदभाव संग ये लाया है,।
जीवन को हमारे खिलखिलाने आया है।।।।।

देखो हिन्दू नव वर्ष हमारे आँगन आया है,,,,,,,,,,
खुशियों की बेशुमार ये बहार लाया है,,,,,,,,,,,,

◆मोर पपीहे की मधुर सुरीली आवाज लाया है,,।
चिड़ियों की चहचहाट को सुनाने आया है,,।।
प्रकृति का अनुपम सौन्दर्य की झलक दिखाने आया है।
मन को मयूर बना हमारे नाच नाचने आया है।।।

देखो हिन्दू नव वर्ष हमारे आँगन आया है,,,,,,,
खुशियों की बेशमार ये बहार लाया है।।।।।।।

हिन्दू नव वर्ष की ढेरों बधाइयां और शुभकामनाएं

*रचनाकार गायत्री सोनू जैन*
*सहायक अध्यापिका मंदसौर*
*मोबाइल नंबर 7772931211*

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Govt, mp में सहायक अध्यापिका के पद पर है,, कविता,लेखन,पाठ, और रचनात्मक कार्यो में रुचि,,,...
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