गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

देखकर दंग हूँ उसकी जादूगरी

देखकर दंग हूँ उसकी जादूगरी !
इक नजर क्या मिली दिल फ़िदा हो गया !!

मीठी मुस्कान थी चाँद के चेहरे पर !
भूल कर सारे गम खुशनुमा हो गया !!

बात आँखों ने की दिल धड़कता रहा !
हाल ए दिल का सुना चुप जुबां हो गया !!

सबकी नजरे बचाकर मुझे देखना !
यार मनमे कहू इसको क्या हो गया !!

था सफ़र में ये जुगनू कहा कुछ नही !
ट्रेन दिल्ली रुकी अलविदा हो गया !!

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