Jul 11, 2017 · कविता
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दूरियाँ

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समाज और परिवार में घट रही नजदीकियां,
टूट रही है भरोसा व विश्वास की हर कड़ियाँ।

रिश्तों में तनाव, मतभेद ला देती है दूरियां,
विश्वास और भरोसे पर चलती है ये दुनिया।

रिश्तों में हो अगर प्यार और विश्वास की कमी,
काँटें बनकर चुभती हर एक शक व गलतफहमी।

रिश्तों में ताजगी बनाये रखने का तरीका,
भरपूर समय देना कीमती तोहफे से ज्यादा।

संवादहीनता रिश्तों को करती खोखला,
समझ, सहानुभूति ना हो तो बढता फासला।

जरूरत से ज्यादा ना करें एक-दूसरे से अपेक्षा,
हर रिश्तों का सम्मान करे दिल में रखना हमेशा।

मन की यादों में हर रिश्तों को सजाये रखना।
भावना के अन्तरमन में दूरियां ना आने देना।

रिश्ता जिन्दगी का एक सबसे अच्छा तोहफा,
तोड़े नहीं रिश्तों को सहेजे सदा करें भरोसा।

नाजुक रिश्तों की डोर कभी नहीं उलझाना,
प्यार और मिठास से समय रहते ही सुलझाना।
????—लक्ष्मी सिंह ?☺

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लक्ष्मी सिंह
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MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is... View full profile
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