Sep 17, 2016 · कविता
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दुर्मिल सवैया

दुर्मिल सवैया
॰॰॰
हम चाह रहे कुछ वक्त मिले इस जीवन मेँ कविता चलती
यह भागमभाग भरी दुनिया अब छोड़ कहीँ दिल मेँ पलती
कविता बिन चैन कहाँ कवि को यह साँस समा कर के ढलती
पर वक्त नहीँ मिलता पल तो यह बात बड़ी मन को खलती

– आकाश महेशपुरी

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आकाश महेशपुरी
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संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मूल नाम- वकील कुशवाहा जन्मतिथि- 15 अगस्त... View full profile
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