कविता · Reading time: 1 minute

दुर्मिल सवैया :– भाग -10

हिय में अपने प्रभु नाम भजो ।
मनमोहन सोहन श्याम भजो ।

भज धन्य धरा मथुरा नगरी ।
प्रभु जन्म लिए हर धाम भजो ।

वशुदेव भजो भज देवकि को ।
हल धारक हैं बलराम भजो ।

सत सत्य स्वरूप सुहावन है ।
पुरुषोत्तम हैं प्रभु राम भजो ।

अनुज तिवारी “इंदवार “

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नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , तांटक छंद , सवैया, हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश…
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