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=-=-=-दुनिया के रंग – =-=-=

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

कुण्डलिया

September 19, 2017

मतलब की है यह दुनिया, चले दो रंगी चाल।
जब तक आपसे स्वार्थ है, आप हो बेमिसाल।।
आप हो बेमिसाल, कोई न आप से प्यारा।
ज्यों ही मकसद पूर्ण हुआ, फिर कैसा भाईचारा।।
कहे रंजना देखो हरदम, ये बात है गौरतलब।
स्वार्थ के हैं रिश्ते कोई, नाता न जोड़े बे मतलब।।

रंजना माथुर दिनांक 19/09/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
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