.
Skip to content

दीपावली की दीपमालिका

Dr. Chitra Gupta

Dr. Chitra Gupta

कविता

October 30, 2016

दीपावली की दीपमालिका
झिलमिल झिलमिल करती आई
उर अंधकार मिटाकर सबके
खुशियों की सौगात लायी
राग-द्वेष का भेद मिटाकर
हृदय पवित्र बना लो अपने
दीपों के इस शुभ अवसर पर
मन-प्रकाश के दीप जलालो
जगमग-जगमग करते दीपक
सब अंधकार मिटायेंगे
हंसी-खुशी की फुलझड़ियों से
सबका मन हर्षायेंगे
दीपावली की शुभ बेला पर
मिलकर जश्न मनायेंगे

-डॉ चित्रा गुप्ता

Author
Dr. Chitra Gupta
Recommended Posts
दीपावली
रौशनी का है त्यौहार दीपावली करती खुशियों की बौछार दीपावली दूर कर मन कलुष बाँटती नेह है प्रीत का देती उपहार दीपावली साथ मिलकर सभी... Read more
दीपावली
*गीतिका* जिंदगी में भरे प्यार दीपावली। हर्ष का सौम्य उपहार दीपावली। दीप बंधुत्व बन झिलमिलाते रहैं। है तिमिर द्वेष की हार दीपावली। कामना पूर्ण हों... Read more
मन सुमन को चाहिए लब मुस्कराते: जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट११२)
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ ::: मुक्तक ----------------+---+------+;+++-+++- मन सुमन को चाहिए, लब मुस्कराते । कवि रसिक को चाहिए ये गीत गाते । हों ऋचाएँ छंद... Read more
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ : जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१२५)
मुक्तक --------- आओ मिलकर मनायें दीपावली । ज्योतिर्मयी दीप-- मालाएँ हों ! मात-- पिता ,भाई- बहनों के संग, सँग बच्चे, सँग बालाएँ हों ! आओ... Read more