दीपक नही जलाये जी

जिनके दिमाग मे भूसा हो ,वो दीपक नहीं जलाये जी।
क्या मालूम वो आग पकड़ले ,सारा भेजा जल जाये जी।
यह बात बहुत ही गहरी है ,सबको मत समझाओ,
मूरख ह्रदय क्या चेत हुआ जो ,उनको हम समझाये जी।
*कलम घिसाई*

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मै कविता गीत कहानी मुक्तक आदि लिखता हूँ। पर मुझे सेटल्ड नियमो से अलग हटकर...
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