बाल कविता · Reading time: 1 minute

*दीदी*

दीदी
👸

‘दीदी’ ,हमारी ‘दीदी’;

वो है , बहुत सीधी;

मगर है,थोड़ी जिद्दी;

करती , बहुत काम;

हम भी करें, प्रणाम,

पढ़ाई भी वो करती,

हमसे , नही लड़ती;

खाती वो, गोलगप्पे;

मारती, वह भी गप्पें,

आये जब रक्षाबंधन,

वो हमें बांधती राखी,

और लगाती है चंदन,

हम भी देते , उपहार;

और करते, उसे प्यार।

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…… ✍️प्रांजल
……….कटिहार।

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