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दिल से दिल को जोड़, प्रीति रंग गाती होली

बृजेश कुमार नायक

बृजेश कुमार नायक

कविता

March 11, 2017

(मुक्त छंद )

होली की हुड़दंग में भूल न जाना प्रेम |
विनती निज कर जोड़कर, करती कलम सप्रेम||
करती कलम सप्रेम, होलिका बुआ न बनना |
अमर नेह प्रहलाद रंग को, उर से चुनना ||
कह “नायक” कविराय, बोलिए पिक-सम बोली |
दिल से दिल को जोड़, प्रीति रंग गाती होली ||

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता
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होली की हार्दिक शुभकामनाएं
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Author
बृजेश कुमार नायक
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर,... Read more
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