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दिल से जरा गुजरना साहब

बसंत कुमार शर्मा

बसंत कुमार शर्मा

गज़ल/गीतिका

March 20, 2017

कष्टों से क्या डरना साहब
रोज रोज क्या मरना साहब

लगे हुए हम सब लाइन में
इक दिन पार उतरना साहब

पूजा पाठ भले मत करना
पीर किसी की हरना साहब

किसी और की हरी दूब को
नेता बन क्या चरना साहब

विहग प्रीति के उड़ने देना
उनके पर न कतरना साहब

राम रहीम मिलेंगे दोनों
दिल से जरा गुजरना साहब

Author
बसंत कुमार शर्मा
भारतीय रेल यातायात सेवा (IRTS) में , जबलपुर, पश्चिम मध्य रेल पर उप मुख्य परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत, गीत, गजल/गीतिका, दोहे, लघुकथा एवं व्यंग्य लेखन
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