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दिल रोया बहुत है

बबीता अग्रवाल #कँवल

बबीता अग्रवाल #कँवल

गज़ल/गीतिका

November 23, 2016

दिल रोया बहुत है मेरा विदा से पहले
के इश्क़ में छल गई हूं वफ़ा से पहले

संभाला है मैने खुदको बड़ी मशक्कत से
तू ने तो मार ही डाला था क़जा से पहले

रहती हूं हर पल मै तो माँ की दुआ में ही
हर जख्म भर जाता है मेरा दवा से पहले

खुश रहने की दे गया है सौगंध जाते जाते
और सजा दे गया मुझको विदा से पहले

मिलने की तमन्ना है तुझसे मेरे सनम
दीदार करा देना अपना क़जा से पहले

छोड़कर ना जाना मुझको मझधार में कभी
लेती हूं नाम तेरा ही मै सदा से पहले

आ गई है दर पर तेरे कँवल माँ मेहर कर
बस जाना मेरे दिल में बस दुआ से पहले

Author
बबीता अग्रवाल #कँवल
जन्मस्थान - सिक्किम फिलहाल - सिलीगुड़ी ( पश्चिम बंगाल ) दैनिक पत्रिका, और सांझा काव्य पत्रिका में रचनायें छपती रहती हैं। (तालीम तो हासिल नहीं है पर जो भी लिखती हूँ, दिल से लिखती हूँ)
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