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कुछ मुक्तक आनंद बिहारी के-1

आनंद बिहारी

आनंद बिहारी

मुक्तक

July 30, 2016

?कुछ मुक्तक आनंद बिहारी के?
★1★
तुझे आँखों की पुतलियों में छुपा रखा है
ऊपर से पलकों का भी पहरा लगा रखा है।
तुझे सोती नहीं…जागी आँखों से देखा है
जब से देखा है तुझे खुद को भुला रखा है।।
★2★
दिल है बेजान मेरा फिर ये धड़कता क्यूँ है
पतझड़ों में भी ये बाग़… महकता क्यूँ है।
वो सरक जाते हैं दबे पांव हवाओं की तरह
दिल ये बच्चा है… हर बार धड़कता क्यूँ है।।
★3★
ना मुझमें मेरा कुछ प्रियतम ना तुझमें कुछ तेरा
लेकिन ‘मैं’ के मोहपाश ने डाला अँधियारा घेरा।
रंगमंच पर रास रचाएं, व्यग्र भला क्यों मूढ़ मना
आनंद लोक को जाना है, हो जाए स्वर्ण-सवेरा।।

©आनंद बिहारी, चंडीगढ़

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Author
आनंद बिहारी
गीत-ग़ज़लकार by Passion नाम: आनंद कुमार तिवारी सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से "काव्यश्री" सम्मान जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising) लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc प्रकाशन: रचनाएँ... Read more
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