.
Skip to content

-दिल तो कहता हैं

रणजीत सिंह रणदेव चारण

रणजीत सिंह रणदेव चारण

गीत

July 13, 2017

दिल तो कहता हैं बहूत ओ यारा मगर |
यूँही हटा देता हूं, उन नजरो से नजर ||

इस भरी दुनियाँ मैं बैठे आशिक हैं कहीं,
एक ही अल्फाज से दिल रखते हैं नही,,
ये परछाई मुझको बहूत कुछ ब्याँ कर जाती,
दिलो की रूसवाईयो में मानो बिखर जाती,,
भरी शामें आती हैं लव्जो से गाती पर,,
कहूँ तो भी किस्से कहूँ ए मेरे दिल जिगर,

दिल तो कहता हैं बहूत ओ यारा मगर |
यूँही हटा देता हूँ, उन नजरो से नजर ||

प्यार मैं अक्सर खुशी या आँसू आते हैं,,
इस राह में कहूँ तो कई बिखर जाते हैं,,
ये दुनियाँ कैसी कोई तो सच्चा कर लेते,,
प्यार सा बहाना कर धोखा भी दें देते,
मैं रहता नमी सी अखियाँ लिये मेरे यार,,
दूनिया देखी तो प्यार में बैचा हैं घरबार,,

दिल तो कहता हैं बहूत ओ यारा मगर |
यूंही हटा देता हूँ उन नजरो से नजर ||

लव्जो से सुनना प्यार आँखो का धोखा हैं,
कर क्यूँ लेते हो ये तो आँधी का झौखा हैं,,
न कर यूँ धोखा कोई टूट सा बिखर जायेगा,,
जिन्दगी जीना चाहा जिते जी मर जायेगा,,
कहता हूँ ए यारा ईश्क का न रख बुखार,,
सच्चा करले तु भी,जिसने किया वो बेशुमार,

दिल तो कहता हैं बहूत ओ यारा मगर |
यूँहीहटा देता हूँ, उन नजरो से नजर ||

प्यार सा सुनले प्यार बिना न कुछ होता,,
मैं कलम से रख शब्दो का बीज बौता,,
प्यार झुकता नही हैं झुकाने से ए मेरे यार,
मैं भी करता हूँ, अपनों से बहूत दुलार,,
हैं अपनी ही रुसवाई में बहूत ही बेशुमार,,
मैं कितना ही पलट जाऊं पर होनाहैं बुखार,,

दिल तो कहता हैं बहूत ओ यारा मगर |
यूँही हटा देता हूँ, उन नजरो से नजर ||

रणजीत सिंह “रणदेव” चारण
मुण्डकोशियां
7300174627

Author
रणजीत सिंह रणदेव चारण
रणजीत सिंह " रणदेव" चारण गांव - मुण्डकोशियां, तहसिल - आमेट (राजसमंद) राज. - 7300174627 (व्हाटसप न.) मैं एक नव रचनाकार हूँ और अपनी भावोंकी लेखनी में प्रयासरत हूँ। लगभग इस पिडीया पर दी गई सभी विधाओं पर लिख सकता... Read more
Recommended Posts
* ओ यारा मेरे दिलदारा *
ओ यारा मेरे दिलदारा मैंने तुझ पे दिलवारा दिल का मोल नहीं होता है समझा तूने कब दिलदारा ओ यारा मेरे दिलदारा तोड़ के ये... Read more
मन की बात
दिल कहता है मै तेरे आस-पास रहूँ । हाँ कहूँ अपने मन के अहसास कहूँ ।। छूकर जाती है हर हवा दिल के तार ।... Read more
यादों का झोका
जब कभी उदासी के खन्डहर में कैद होता हूं मैं, तब पता नही कहा से आता है तेरी यादों का झोका। और बिखेर देता है... Read more
जुवाँ पर बात दिल की न आने देता
जुवाँ पर बात दिल की मैं , कभी आने नहीं देता किसी भी बेवफा पर दिल , कभी जाने नहीं देता किया बर्बाद अपने को... Read more