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दिल को दिल से मिलने दो/मंदीप

Mandeep Kumar

Mandeep Kumar

गज़ल/गीतिका

October 6, 2016

दिल को दिल से मिलने दो,
रूमानी मौहबत एक होने दो।

यु पलखो को मत झुकाओं
निगाहों से निगाहें मिलने दो।

दूर क्यों जाते हो हम से
हम को तो पास आने दो।

चाहत है तुम से कितनी
एक बार हम को जताने दो।

उड़ा मेरा दिल आसमान में,
उस को निचे मत आने दो।

“मंदीप” को प्यार से एक बार देखो,
पास आओ अब सासों को छुने दो।

मंदीपसाई

Author
Mandeep Kumar
नाम-मंदीप कुमार जन्म-10/2/1993 रूचि-लिखने और पढ़ाने में रूचि है। sirmandeepkumarsingh@gmail.com Twitter-@sirmandeepkuma2 हर बार अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ। और रही बात हम तो अपना दर्द लिखते है।मेरा समदिल मेरे से खुश है तो मेरी रचना उस के दिल का... Read more
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