दिल को छू लेने वाली

दो -दिलो -को एक बनाने वाले है
आने वाले हो तुम हम जाने वाले है

फूलो से हम गलियाँ सजाने वाले है
अपने माँ बापू कोहम रूलाने वाले है

बचपन से जिनने हमको प्यार दिया
उनके दिल कोअबहम तडपाने वाले है

जिस घरआँगन ने हमको गोदी सुलाया है
सूना उस आँगन अब हम करने वाले है

तुम पर है विश्वास हमे तुम न तड़पाओगे
सात-फैरो -के -बंधन मे बधने वाले है

दो-दिलो -को एक वनाने वाले है
आने वाले हो तुम हम जाने वाले है

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संप्रति - शिक्षक संचालक -G.v.n.school dungriya लेखन विधा- लेख, मुक्तक, कविता,ग़ज़ल,दोहे, लोकगीत भाषा शैली -...
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