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दिल को छू लेने वाली

कृष्णकांत गुर्जर

कृष्णकांत गुर्जर

कविता

February 15, 2017

दो -दिलो -को एक बनाने वाले है
आने वाले हो तुम हम जाने वाले है

फूलो से हम गलियाँ सजाने वाले है
अपने माँ बापू कोहम रूलाने वाले है

बचपन से जिनने हमको प्यार दिया
उनके दिल कोअबहम तडपाने वाले है

जिस घरआँगन ने हमको गोदी सुलाया है
सूना उस आँगन अब हम करने वाले है

तुम पर है विश्वास हमे तुम न तड़पाओगे
सात-फैरो -के -बंधन मे बधने वाले है

दो-दिलो -को एक वनाने वाले है
आने वाले हो तुम हम जाने वाले है

Author
कृष्णकांत गुर्जर
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303
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