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दिल के अऱमा

Ranjeet GHOSI

Ranjeet GHOSI

कविता

October 8, 2017

मेरे दिल के सारे अरमां,कविता और गजलो मे डाले
कविताऔर गजलें लिख -लिख,दिल पर पड गय थोड़े जाले
कविता और गजलों में, ना लिखा तेरा नाम कभी
वैन गंगा से भी, ना भेजा पैगाम कभी ..
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खुस रहते होंगे वो,पर ना मिली मुझे खुशी, पर ना होना तुम दुखी ,मुझे बस अपने जीने दो
कविता और गजलों में, बस मेरे अरमा लिखने दो

रंजीत घोसी

Author
Ranjeet GHOSI
PTI B. A. B.P.Ed. Gotegoan
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