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दिल की सुनो

vinay pandey

vinay pandey

कविता

January 25, 2017

दिल की सुनो
दिल क्या चाहत हैं ……
जहां दिल रोता हो ,
वहां कभी न रहा करो ……
डिप्रेशन ज्यादा ही बढ़ जाता हैं !
कभी टूटता हैं ,
कभी बिखर जाता हैं ……
बिखरे दिल को समेटते समेटते ,
वर्षों लग जाते हैं उम्र ढल जाती हैं !

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Author
vinay pandey
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