Jan 19, 2017 · कविता
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दिल की आवाज

रूह की आवाज को
बहुत करीब से
सुनने की कोशिश
की है मैंने ।

जिन्दगी के माईनो को
एक बार फिर से
समझने की मंशा
की है मैंने ।

किसी को अपना
किसी को पराया
कहने की भूल
की है मैंने ।

रूठों को मनाने की
सपनो को पाने की
फिर से जुस्तजू
की है मैंने ।

अलग ही अंदाज मे
जिन्दगी जीने की
थोड़ी सी जिद
की है मैंने ।।

राज विग

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Raj Vig
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