गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

दिल का बुरा नही हूँ मैं

आदमी बहुत भला नही हूँ मैं
बेशक औरों के जैसा नहीं हूँ मैं

हाँ कुछ तल्ख़ है ज़ुबाँ मेरी
मगर दिल का बुरा नहीं हूँ मैं

देख के मुझे कोई क्या सोचेगा
इतना तो सोचता नहीं हूँ मैं

मैंने कुछ वादे तो निभाये हैं
इसका मतलब बेवफ़ा नही हूँ मैं

तुमसे मोहब्बत बे इंतिहा की है ‘अर्श’
लेकिन कभी कहता नही हूँ मैं

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