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दिलचस्प सौंदर्य

डॉ संगीता गांधी

डॉ संगीता गांधी

कविता

May 5, 2017

दिलचस्प सौंदर्य ।
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तुम सुंदर हो ,
अप्रतिम सौंदर्य का प्रतीक हो ।
किंतु ये जान लो ,
सौंदर्य की महत्ता का प्रतिमान क्या है ?
तुम्हारी लहराती केश राशि ,
गालों की रक्त लालिमा ,
कपोल के कोने का वो एक तिल ,
दाड़िम समान दंतपंक्ति ,
मृग नयन ,
कंचन काया
और
लहरों सा अठखेलियाँ करता यौवन ,
इन सभी सौंदर्य प्रतिमानों की महत्ता ,
तभी है –जब तुम्हारा व्यक्तित्व बड़ा ” दिलचस्प ” हो !
मात्र दृष्टिगत सौंदर्य क्षण भर नेत्रों को भायेगा !
पर मेरी तुममें “दिलचस्पी ” –तुम्हारे दिलचस्प होने पर ही ,
केंद्रित और स्थायी होगी ।

डॉ संगीता गांधी

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