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दिया मौन का सखी जलाओगी कब तक

Dr Archana Gupta

Dr Archana Gupta

गीत

December 30, 2016

अपने दिल के घाव छिपाओगी कब तक
दिया मौन का सखी जलाओगी कब तक

बंजर है उनके भावों का खेत सखी
और अना की बिछी वहाँ पर रेत सखी
फसल लगाने वहाँ प्यार की तुम यूँ ही
अपने आँसूं रोज बहाओगी कब तक
दिया मौन का सखी जलाओगी कब तक

पत्थर सुन लो कभी न पिघला करते हैं
तिल भर भी न जगह से वो हिल सकते हैं
रहें बेअसर चाहें कोई हो मौसम
दिल में उनको तुम रख पाओगी कब तक
दिया मौन का सखी जलाओगी कब तक

दिल में ही अरमान तुम्हारे रोये हैं
अपनों को पाने में अपने खोये हैं
साँसों पर भी दाँव लगाकर बतलाओ
जीने का यूँ ढोंग रचाओगी कब तब
दिया मौन का सखी जलाओगी कब तक

डॉ अर्चना गुप्ता

Author
Dr Archana Gupta
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख... Read more
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