दोहे · Reading time: 1 minute

दिखे काग भी मोर

दौलत से बढकर नही, …….कोई ऱिश्तेदार !
कितना भी कर लीजिए,जी भर कर इन्कार !!

छज्जे पर धनवान के,दिखे काग ज्यों मोर !
त्यों बच्चा धनहीन का, लगे धनी को चोर !!
रमेश शर्मा.

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