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~~~~~दर्पण~~~~~

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

कविता

September 7, 2017

===दर्पण===
सीखिए आईने से
हिम्मत रखना।
नाजुक इतना कि
टूट जाता है एक पत्थर से ही।
लेकिन सच्चाई की तस्वीर दिखाने में
डरता नहीं।
झूठ कभी बोलने की कोशिश
करता नहीं।।

——–रंजना माथुर दिनांक 21/07 /2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
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