.
Skip to content

दर्द

dr. pratibha prakash

dr. pratibha prakash

मुक्तक

July 29, 2016

मालूम है उसे कहाँ होता है
वो ज़ालिम वहीँ पर चोट देता है
बनके समझदार हमेशा ही
करीने से मेरा दिल तोड़ देता है
हंसकर फिर मुझसे वो पूछता है
बुरा तो नहीं लगा खंजर घोंपता है
मैं फिर से दर्द अपना सहलाता
और वो एक नया दर्द दे देता है
?�??�??�??
28 जुलाई2016

Author
dr. pratibha prakash
Dr.pratibha d/ sri vedprakash D.o.b.8june 1977,aliganj,etah,u.p. M.A.geo.Socio. Ph.d. geography.पिता से काव्य रूचि विरासत में प्राप्त हुई ,बाद में हिन्दी प्रेम संस्कृति से लगाव समाजिक विकृतियों आधुनिक अंधानुकरण ने साहित्य की और प्रेरित किया ।उस सर्वोच्च शक्ति जसे ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु... Read more
Recommended Posts
बेटा ही दगा देता है
हर आशिक अपने प्यार को यूं ही बता देता है। जो न करे ऐतवार उसको भी जता देता है।। अब तलक हमने मोहब्बत में वफा... Read more
बस आम आदमी लाइन में दिखाई देता है
आज 500 हजार का दर्द रुलाई देता है दर्द नेताओं का भी नारे में सुनाई देता है ******************************* बड़े लोग लगे हैं अब भी जुगाड़... Read more
हँसते चेहरे का दर्द दिखाई नहीं देता
???? हँसते चेहरे का दर्द दिखाई नहीं देता। हँसने वाला आँसू की दुहाई नहीं देता। लोग तो कह देते हैं कि भला इसे क्या गम... Read more
इस दिल में एक दर्द है तन्हाई है
इस दिल में एक दर्द है तन्हाई है, वो मेरे घर कई रोज से नहीं आई है। मेरा दिल जिसे अपना मान कर बैठा है,... Read more