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थम जाता

डॉ मधु त्रिवेदी

डॉ मधु त्रिवेदी

कविता

January 9, 2017

थम जाता
✍✍✍✍✍

पल वो एक थम जाता तो
हिसाब तेरे चूकता
मैं सब कर देती

पल एक वो थम जाता तो
वर्ष नए को तब मैं
सुधार लेती

पल वो एक थम जाता वर्ष का
याद अपने को मैं बार
बार कर लेती

पल वो एक थम जाता नव वर्ष का
साथ तेरे बीता कल मैं
दोहरा लेती मैं

पल एक थम जाता आखिर दिन का
मुड़ – मुड़ कर देख लेती पीछे
कर लेती इन्तजार

पल वो एक थम जाता तो कर लेती
प्यार दिल भर कर तुमको
अपना बना लेती

पल एक थम जाता है आखिरी दिन का
हर साँस का हिसाब तुझको
दे देती तब हीँ मैं

पल एक वो थम जाता नव वर्ष का
सब तन्हाईयों को दूर कर
मैं लेती संग तेरे

डॉ मधु त्रिवेदी

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डॉ मधु त्रिवेदी
डॉ मधु त्रिवेदी प्राचार्या शान्ति निकेतन कालेज आगरा स्वर्गविभा आन लाइन पत्रिका अटूट बन्धन आफ लाइन पत्रिका झकास डॉट काम जय विजय साहित्य पीडिया होप्स आन लाइन पत्रिका हिलव्यू (जयपुर )सान्ध्य दैनिक (भोपाल ) सच हौसला अखबार लोकजंग एवं ट्र... Read more
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