मुक्तक · Reading time: 1 minute

” तोड़ दो हाथ उनके , जो खतरा बनें “

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नव सृजन कुछ करो अब चमन के लिये ।

नवजवानों उठो ~~ अरि दमन के लिये ।

तोड़ दो हाथ उनके ~~ जो’ खतरा बने ।

आज अपने वतन के ~~ अमन के लिये ।
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वीर पटेल

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