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तैयार हो जाओ ….

डी. के. निवातिया

डी. के. निवातिया

कविता

January 4, 2017

तैयार हो जाओ ….

आया है मौसम चुनावी बरसात का,
बरसाती मेंढक अब तैयार हो जाओ
चल निकलेगी अब तुम्हारी लाटरी
थाम झोला छतरी तैयार हो जाओ !!

जम के गरजेंगे नेताई काले बादल
कृपा दृष्टि में भीगने तैयार हो जाओ
बरसेंगे, तन, मन, और धन से पूर्ण
मौक़ा परस्तो सजके तैयार हो जाओ !!

क्या होगा तुम्हारी इस मातृभूमि का
सर्वदा की तरह भूल, आगे बढ़ जाओ
क्या तुम्हारी आने वाली पीढ़ी भोगेगी
बिना विचारे अंधे भक्त बन बढ़ जाओ !!

नहीं सोचा तुमने आजतक इस बारे में
व्यर्थ बहस में तुम उलझके रह जाओ
भोग विलासिता के रहे आदी सदा से
बस इसमें ही डूबकर तुम मर जाओ !!

आया है मौसम चुनावी बरसात का,
बरसाती मेंढक अब तैयार हो जाओ
चल निकलेगी अब तुम्हारी लाटरी
थाम झोला छतरी तैयार हो जाओ !!
!
!
!
डी. के. निवातिया _____!!!

Author
डी. के. निवातिया
नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों, लेखको एवं पाठको के द्वारा प्राप्त टिप्पणी एव सुझावों का... Read more
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