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|| तेवरी ||

कवि रमेशराज

कवि रमेशराज

तेवरी

May 10, 2017

सूखा का कोई हल देगा
मत सोचो बादल जल देगा |
जो बृक्ष सियासत ने रोपा
ये नहीं किसी को फल देगा |
बस यही सोचते अब रहिए
वो सबको राहत कल देगा |
ये दौर सभी को चोर बना
सबके मुख कालिख मल देगा |
वो अगर सवालों बीच घिरा
मुद्दे को तुरत बदल देगा |
उसने हर जेब कतर डाली
वो बेकल को क्या कल देगा |
+रमेशराज

Author
कवि रमेशराज
परिचय : कवि रमेशराज —————————————————— पूरा नाम-रमेशचन्द्र गुप्त, पिता- लोककवि रामचरन गुप्त, जन्म-15 मार्च 1954, गांव-एसी, जनपद-अलीगढ़,शिक्षा-एम.ए. हिन्दी, एम.ए. भूगोल सम्पादन-तेवरीपक्ष [त्रैमा. ]सम्पादित कृतियां1.अभी जुबां कटी नहीं [ तेवरी-संग्रह ] 2. कबीर जि़न्दा है [ तेवरी-संग्रह]3. इतिहास घायल है [... Read more
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