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तेवरी। नोट के बदलते तेवर।

रकमिश सुल्तानपुरी

रकमिश सुल्तानपुरी

तेवरी

December 4, 2016

तेवरी ।नोट के बदले तेवर ।।

राजनीति है झूठ की ।
आँधी आयी लूट की । महिमा अपरंपार है ।।

बदला लो अब ओट का ।
घाव लगे हर चोट का । छुपे हुये गद्दार हैं ।।

हर तबके हर लोग से ।
मोदी के सहयोग से । सबका ही उद्धार है ।।

कालाधन तो काल है ।
पर देश का हि माल है । जन जन का अधिकार है ।।

बात नही अब लात से ।
व्यंग्य नही आघात से । करना अब परहार है ।।

©राम केश मिश्र

Author
रकमिश सुल्तानपुरी
रकमिश सुल्तानपुरी मैं भदैयां ,सुल्तानपुर ,उत्तर प्रदेश से हूँ । मैं ग़ज़ल लेखन के साथ साथ कविता , गीत ,नवगीत देशभक्ति गीत, फिल्मी गीत ,भोजपुरी गीत , दोहे हाइकू, पिरामिड ,कुण्डलिया,आदि पद्य की लगभग समस्त विधाएँ लिखता रहा हूं ।... Read more
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