कविता · Reading time: 1 minute

तेरे बगैर

(1)????
एक कमी है मुझ में
जो तेरे पास आकर पूरी होती है,
तेरे बगैर मेरी शक्सियत अधूरी है।
????

(2)????
अकेली होकर भी
मैं अकेली नहीं होती…..
तेरा ख्याल मेरे
आस – पास होती है…..
अपने लफ़्ज़ों में भी
तेरी आवाज की
गूँज सुनाई देती है….
???? – लक्ष्मी सिंह ?☺

165 Views
Like
You may also like:
Loading...