कविता · Reading time: 1 minute

“तेरे करम की बारिश”

तेरे करम की बारिश में
भीग जाने को दिल करता है।
बारिश की इन बूंदों में,
तुम्हें ढूढ़ने को दिल करता है।
दूर तक चलूं साथ तेरे,
फलक को छू लेने का दिल करता है।
कोई और किरदार निभा नही सकती,
जब से रूह को छू लिया है तुमने।
तेरे करम की बारिश में…..

2 Likes · 2 Comments · 15 Views
Like
Author
30 Posts · 1.8k Views
PhD in Chemistry Worked as Prof at Engineering college
You may also like:
Loading...