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तेरे आने से

लक्ष्मी सिंह

लक्ष्मी सिंह

गज़ल/गीतिका

July 6, 2017

????
तेरे आने से आज एक खता हो गयी ।
मैं शबभर जलती एक समा हो गयी।

रात भर बरसता रहा बादल लगातार,
मेरे दर्द-ए-दिल की दवा हो गयी ।

दिल की उलझने बढ़ती ही गयी,
मेरे इश्क की आज इंतहा हो गयी ।

सारे ख्वाब टूटते ही रहें दिल में,
जमाने के गमों की मैं राबता हो गयी।

मेरी खुद्दारी कदम – कदम पर टूटी,
जिन्दगी मेरी जैसे सजा हो गयी।

मेरी हस्ती मुझ में ही ना बाकी रही ,
मैं टूटे सितारों का एक आसमां हो गयी।
????–लक्ष्मी सिंह ?☺

Author
लक्ष्मी सिंह
MA B Ed (sanskrit) My published book is 'ehsason ka samundar' from 24by7 and is a available on major sites like Flipkart, Amazon,24by7 publishing site. Please visit my blog lakshmisingh.blogspot.com( Darpan) This is my collection of poems and stories. Thank... Read more
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