Dec 11, 2016 · कविता
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तेरी हर घड़ी और पल पल में हम हैं

तेरी हर घड़ी और पल पल में हम हैं,
तेरी साँस साँस हर धड़कन में हम हैं।

तेरे हर मोड़ और हर कदम पे हम हैं,
तेरी हर राह और मंज़िल भी हम हैं।

तेरी हर साँस के तबस्सुम में हम हैं,
तेरी हर नज़र और तसव्वुर में हम हैं।

तेरे गीतों के सुरों और साज़ में हम हैं,
तेरे दिल से आती हर आवाज़ में हम हैं।

तेरे होंठों से निकले हुए लफ़्ज़ों में हम हैं,
तेरी कलम से निकले हुए शब्दों में हम हैं।

भुला न देना कि तेरे रहमोकरम पे हम हैं,
आज़मा लेना कभी भी तेरे कदमों में हम हैं।

————शैंकी भाटिया
सितम्बर 29, 2016

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Shanky Bhatia
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