!! तेरी याद !!

आज तेरी याद
आ गयी पास मेरे
हम उस को सीने से
लगा कर बहुत रोये
जब वो याद को थोडा
सकूंन मिला तो हम सपनो
में न जाने कब
खो गए , और फिर
बहुत रोये
बार बार याद किया
तुम को , उस याद
के सहारे, न
जाने कितना पुकारा
और जब तुम
तब भी नहीं आये
तो अब तुम को पास
न पाकर
बहुत रोये, सब बहुत रोये
न जाने कब वो याद
छोड़ के चली गयी
अब उस याद को अपने
पास न पाकर फिर से
बहुत रोये, बहुत रोये !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

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