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तेरी याद में जिंदगी रही है संवर धीरे धीरे

RASHMI SHUKLA

RASHMI SHUKLA

कविता

May 18, 2017

तेरी याद में जिंदगी रही है संवर धीरे धीरे,
सौबत का तेरी हो रहा है असर धीरे धीरे,
बिना तेरे मेरी तो दुनिया रही है बिखर धीरे धीरे,
तेरी याद में बीती रात अब हो रही है शहर धीरे धीरे,
जगने नहीं देती तेरी मुस्कान हो जाती है पहर धीरे धीरे,

Author
RASHMI SHUKLA
mera majhab ek hai insan hu mai
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